एक दूजे का साथ तुम देते रहना- अलेफिया सैफी

एक दूजे का साथ तुम देते रहना

परिस्थिति जो भी हो जीवन की
बात हो किसी की खुशी या ग़म की
हाथ हमेशा एक दूजे का थामे रहना
एक दूजे का साथ तुम देते रहना ।

कोई शिकवा ना, ना कोई गिला रखना
जो मिले जीवन में उससे खुश रहना
सीखना हर बात को, और सिखाते तुम रहना
एक दूजे का साथ तुम देते रहना ।

शब्दों के कहने से पहले उनका अर्थ जान लेना
हो आसान दूसरों के लिए भी ये जान लेना
समा जाए हर दिल में ऐसी बात तुम करना
एक दूजे का साथ तुम देते रहना ।

हार को भी तुम ये जीत समझना
ये ना भी बदलेगी हां में कोशिश तुम करना
परछाई खुद से पहले दूसरों की तुम बनना
एक दूजे का साथ तुम देते रहना ।

~ अलेफिया सैफी (लहर)

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