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जाने भास्कर का इतिहास :- 1958 से आरंभ हुआ दैनिक भास्कर का सफ़र

नवम्बर 2019 में वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ न्यूजपेपर्स एंड न्यूज पब्लिशर्स के रिपोर्ट के अनुसार दैनिक भास्कर को 43 लाख से ज्यादा प्रतियों के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अखबार बना ।

सुबह के वक़्त सन्नाटे से भरे सड़को पर तब तक चहलक़दमी नहीं दिखतीं, जब तक कोई युवा साईकिल में घण्टी बजा कर, अख़बार बाँटते हुए नहीं गुज़रता । अगर बात रही भारतीय परिवारों की तब तो, भारतीय परिवारो की सुबह तब तक नहीं होती जब तक एक हाथ में चाय का कप औऱ दूसरे हाँथ में अख़बार ना हो।
इसलिए इसका अर्थ स्पष्ठ हैं,आज के आधुनिक युग में समाचार-पत्र मानव जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया हैं । औऱ वहीं समाचार-पत्र भी अपना काम सुचारू रूप से करते आये हैं। जैसे:- दैनिक भास्कर उन प्रमुख समाचार पत्रों में से एक है।
 भास्कर का अर्थ होता है “द राइजिंग सन” बिलकुल कार्य व जागरूकता की दृष्टिकोन से अपने नाम के अनुरूप ,यह कहना उचित है क्योंकि 1958 से लेकर 2022 तक दैनिक भास्कर उन समाचार पत्रों में से एक है जिसे पढ़कर हर पाठक की सुबह होती है!!

भास्कर का इतिहास

दैनिक भास्कर वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा हिंदी भाषा का एक दैनिक समाचार-पत्र हैं। जिसका स्वामित्व डी बी कारपोरेशन लिमिटेड करता है । दैनिक भास्कर की स्थापना रमेश चंद्र अग्रवाल द्वारा किया गया था, जिसका प्रकाशन वर्ष 1958 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हुआ।
परंतु सर्वप्रथम दैनिक भास्कर वर्ष 1956 में भोपाल से ‘सुबह सवेरे’ और ग्वालियर में वर्ष 1957 में ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ के नाम से प्रकाशित हुआ था । वहीं वर्ष 1958 में इसका नाम ‘भास्कर समाचार’ रखा गया, जो 2010 से ‘दैनिक भास्कर’ के नाम से जाना जाता है।

जब 1995 को दैनिक भास्कर मध्य प्रदेश का शीर्ष समाचार पत्र बना, तब इसके लोकप्रियता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश के बाहर भी इसका प्रचार-प्रसार करना चाहिए। और इसके लिए राजस्थान की राजधानी जयपुर को चुना गया। दैनिक भास्कर ने मध्य प्रदेश के बाहर पहली बार 19 दिसम्बर 1996 में नए संस्सकरण के रूप में समाचार-पत्र प्रकाशित किया । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राजस्थान में दैनिक भास्कर एक ही दिन में 50,000 प्रतियाँ बेच कर राजस्थान में दूसरा स्थान प्राप्त किया,जिसके बाद कई राज्यों में इसे प्रकाशित करने की मुहिम शुरू हुई।

Dainik Bhaskar Masthead

नवम्बर 2019 में वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ न्यूजपेपर्स एंड न्यूज पब्लिशर्स के रिपोर्ट के अनुसार दैनिक भास्कर को 43 लाख से ज्यादा प्रतियों के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अखबार बना । वर्तमान में दैनिक भास्कर समूह के 12 राज्यों में 65 संस्करण उपलब्ध है व दैनिक भास्कर के हिंदी, गुजराती,मराठी भाषाओं में दैनिक समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं।

और अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो को भी देखें …….

Rashmi Dubey JMC
Rashmi S Dubey

jaankari@jmcstudyhub.com

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